राजस्थान सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत विकसित करने और भाषा कौशल को मजबूत बनाने के उद्देश्य से “मिशन पढ़ो राजस्थान 2026” के अंतर्गत Reading Promotion Campaign की शुरुआत कर दी है। इस अभियान के माध्यम से सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को नियमित रूप से पुस्तकें पढ़ने, कहानी सुनने, पुस्तकालय का उपयोग करने तथा विभिन्न पठन गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
यह अभियान राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) एवं निपुण भारत मिशन (NIPUN Bharat Mission) के उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में पढ़ने की रुचि बढ़ाना, भाषा दक्षता विकसित करना और विद्यालयों में सकारात्मक पठन वातावरण तैयार करना है।
मिशन पढ़ो राजस्थान क्या है?
Mission Padho Rajasthan राजस्थान शिक्षा विभाग द्वारा शुरू किया गया एक राज्यव्यापी पठन अभियान है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में प्रतिदिन पढ़ने की आदत विकसित करना और उनकी भाषा, समझ तथा अभिव्यक्ति क्षमता को बेहतर बनाना है।
इस अभियान के अंतर्गत विद्यालयों में नियमित रूप से Reading Promotion Activities आयोजित की जाएंगी, ताकि बच्चे केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रहें बल्कि अन्य उपयोगी एवं प्रेरणादायक पुस्तकों का भी अध्ययन करें।
Reading Promotion Campaign का उद्देश्य
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में पढ़ने की संस्कृति (Reading Culture) विकसित करना है।
अभियान के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं—
- विद्यार्थियों में प्रतिदिन पढ़ने की आदत विकसित करना।
- भाषा एवं पठन कौशल को मजबूत बनाना।
- बच्चों की कल्पनाशक्ति और रचनात्मक सोच का विकास करना।
- विद्यालयों में पुस्तकालय संस्कृति को बढ़ावा देना।
- सीखने की गुणवत्ता में सुधार लाना।
- “हर दिन पढ़ेंगे, हर दिन बढ़ेंगे” अभियान को सफल बनाना।
अभियान की शुरुआत कब हुई?
शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार मिशन पढ़ो राजस्थान – Reading Promotion Campaign का शुभारंभ 29 जुलाई 2026 से किया गया है।
यह अभियान पूरे राज्य के सरकारी विद्यालयों में संचालित होगा तथा आगामी महीनों तक विभिन्न चरणों में अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
कक्षा 1 से 8 के लिए क्या गतिविधियां होंगी?
अभियान के दौरान विद्यार्थियों की आयु और कक्षा के अनुसार कई रोचक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
इनमें प्रमुख गतिविधियां शामिल हैं—
- Read A Thon
- पुस्तक वाचन
- कहानी वाचन
- कविता पाठ
- समाचार पत्र पढ़ना
- चित्र देखकर कहानी बनाना
- समूह वाचन (Group Reading)
- पुस्तक समीक्षा
- शब्द खेल
- भाषा विकास गतिविधियां
- पुस्तकालय भ्रमण
- प्रेरक पुस्तकों का अध्ययन
इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों की Reading Skills एवं Comprehension Skills विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
7वें कालांश (Reading Period) की जानकारी
मिशन पढ़ो राजस्थान के अंतर्गत विद्यालयों में 7वां कालांश (Reading Period) निर्धारित किया गया है।
इस अवधि में विद्यार्थियों को अपनी पसंद की पुस्तकें पढ़ने का अवसर मिलेगा। शिक्षक केवल मार्गदर्शक की भूमिका निभाएंगे तथा बच्चों को स्वतंत्र रूप से पढ़ने और समझने के लिए प्रेरित करेंगे।
Reading Period के दौरान—
- पुस्तकालय की पुस्तकों का उपयोग होगा।
- समाचार पत्र एवं बाल पत्रिकाएं पढ़ाई जाएंगी।
- कहानी एवं कविता का वाचन कराया जाएगा।
- विद्यार्थियों से पुस्तक पर चर्चा भी कराई जाएगी।
Read A Thon क्या है?
Read A Thon इस अभियान की प्रमुख गतिविधियों में से एक है।
इसका उद्देश्य अधिक से अधिक विद्यार्थियों को लगातार पढ़ने के लिए प्रेरित करना है। विद्यालय स्तर पर विभिन्न पठन प्रतियोगिताएं, सामूहिक वाचन तथा पुस्तक चर्चा कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
शिक्षकों एवं विद्यालयों की भूमिका
अभियान की सफलता में शिक्षकों, प्रधानाचार्यों, PEEO, UCEEO तथा विद्यालय प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
उन्हें—
- प्रतिदिन Reading Period संचालित करना होगा।
- पुस्तकालय का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना होगा।
- विद्यार्थियों को पढ़ने के लिए प्रेरित करना होगा।
- गतिविधियों का रिकॉर्ड तैयार करना होगा।
- विभागीय दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा।
- विद्यालय में पठन वातावरण विकसित करना होगा।
मिशन पढ़ो राजस्थान 2026 के प्रमुख लाभ
- विद्यार्थियों की Reading Skills बेहतर होंगी।
- भाषा एवं शब्दावली का विकास होगा।
- आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।
- सीखने की क्षमता मजबूत होगी।
- पुस्तक पढ़ने की आदत विकसित होगी।
- विद्यालयों में सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण बनेगा।
निष्कर्ष
मिशन पढ़ो राजस्थान 2026 राज्य के विद्यालयों में पढ़ने की संस्कृति विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों को नियमित पठन, पुस्तकालय उपयोग, कहानी वाचन और अन्य रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। शिक्षा विभाग का उद्देश्य है कि प्रत्येक बच्चा प्रतिदिन पढ़े, सीखे और अपने ज्ञान का विस्तार करे। यदि अभियान प्रभावी ढंग से लागू होता है तो यह विद्यार्थियों की भाषा दक्षता, समझने की क्षमता और शैक्षणिक गुणवत्ता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
