UP Weather Tomorrow: उत्तर प्रदेश में बारिश का दौर अभी थमा नहीं है। मौसम विभाग ने 27 सितंबर 2026 को भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। IMD के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बहुत भारी बारिश हो सकती है।
27 सितंबर को कैसा रहेगा यूपी का मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार रविवार 27 सितंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं पश्चिमी यूपी में बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। दोनों क्षेत्रों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।
मौसम की यह स्थिति बंगाल की खाड़ी और आसपास बने मौसम तंत्र के प्रभाव से जुड़ी हुई है। पिछले दिनों भी प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।
इन जिलों में बारिश का ज्यादा असर
ताजा प्रशासनिक अलर्ट में लखीमपुर खीरी, सीतापुर, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर जैसे जिलों में विशेष सतर्कता के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा कई अन्य जिलों में भी ऑरेंज अलर्ट के चलते प्रशासन को सक्रिय रखा गया है।
ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में प्रयागराज, कौशांबी, फतेहपुर, प्रतापगढ़, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, बस्ती, गोंडा, बलरामपुर, हरदोई, लखनऊ, बाराबंकी, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, संभल और बदायूं समेत कई क्षेत्र शामिल हैं।
आंधी और बिजली गिरने का भी खतरा
बारिश के साथ कई इलाकों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली का खतरा बना रहेगा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान में तेज हवाओं की भी चेतावनी दी गई है। ऐसे मौसम में खुले मैदान, खेत या पेड़ के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी जाती है।
अचानक बाढ़ का भी अलर्ट
भारी बारिश के कारण कुछ वाटरशेड क्षेत्रों में अचानक बाढ़ की आशंका भी जताई गई है। प्रशासन ने संबंधित राहत और बचाव एजेंसियों को जरूरत पड़ने पर तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
यूपी में कब तक रहेगा बारिश का असर?
IMD के 26 सितंबर के अपडेट के अनुसार पूर्वी और पश्चिमी दोनों उत्तर प्रदेश में 27 सितंबर को बारिश से जुड़ी चेतावनी है। 28 सितंबर से आगे IMD के इस अपडेट में कोई चेतावनी नहीं दी गई है, हालांकि स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव संभव है।
जरूरी सावधानी
बारिश और आंधी के दौरान लोग मौसम विभाग की चेतावनी पर नजर रखें। बिजली चमकने के समय खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचें। निचले इलाकों में रहने वाले लोग जलभराव की स्थिति में विशेष सावधानी बरतें।






