Aachar sanhita in rajasthan 2026: आचार संहिता कब लगेगी?

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राजस्थान में नगर निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनावी प्रक्रिया से जुड़े विभागों और अधिकारियों को सभी जरूरी तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में राज्य निर्वाचन आयुक्त ने शासन सचिवालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर चुनाव से जुड़े विभिन्न मुद्दों की समीक्षा की।

बैठक में मतदान केंद्रों की व्यवस्था, कर्मचारियों की तैनाती, सुरक्षा व्यवस्था, चुनावी सामग्री और अन्य प्रशासनिक तैयारियों को लेकर चर्चा की गई। आयोग का लक्ष्य ‘एक राज्य-एक चुनाव’ की व्यवस्था के तहत नगर निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव कराने का है।

15 अगस्त तक तबादले पूरे करने के निर्देश

राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव से सीधे जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले 15 अगस्त 2026 तक पूरे करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद चुनाव कार्यक्रम को लेकर गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।

ऐसे में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में यह चर्चा तेज है कि 16 अगस्त के बाद निकाय चुनाव से संबंधित आचार संहिता लागू हो सकती है। हालांकि, आचार संहिता लागू होने और चुनाव की तारीखों को लेकर अंतिम फैसला तथा आधिकारिक घोषणा राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से ही की जाएगी।

आयोग की आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद ही चुनाव कार्यक्रम और आचार संहिता की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।

66 हजार से ज्यादा मतदान केंद्र बनाने की तैयारी

राजस्थान में नगर निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव के लिए बड़े स्तर पर मतदान केंद्र तैयार किए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, पूरे राज्य में 66 हजार से अधिक मतदान केंद्रों की व्यवस्था करने की तैयारी है।

नगर निकाय चुनाव के लिए करीब 18 हजार मतदान केंद्र बनाए जाने प्रस्तावित हैं, जबकि पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव के लिए लगभग 48 हजार मतदान केंद्रों की तैयारी की जा रही है।

इतने बड़े स्तर पर चुनाव कराने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों, चुनाव कर्मचारियों और पुलिस बल की भी बड़ी संख्या में तैनाती की जाएगी।

नगर निकाय चुनाव दो चरणों में कराने की तैयारी

राज्य में नगर निकाय चुनाव 39 जिलों में दो चरणों में कराने की तैयारी की जा रही है। वहीं, फलोदी और सलूम्बर में एक चरण में मतदान प्रस्तावित है।

नगर निकाय चुनाव के पहले चरण में लगभग 140 निकायों के 5,050 वार्डों में मतदान की तैयारी है। इसके लिए करीब 10,185 मतदान केंद्र बनाए जा सकते हैं।

पहले चरण के चुनाव के लिए लगभग 71 हजार सिविल निर्वाचन कर्मचारियों और 61 हजार पुलिसकर्मियों की जरूरत बताई गई है।

वहीं, दूसरे चरण में 169 निकायों और 5,195 वार्डों में चुनाव कराने की तैयारी है। इसके लिए करीब 44 हजार सिविल निर्वाचन कर्मचारियों की आवश्यकता हो सकती है।

पंचायत चुनाव कई चरणों में होंगे

पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव भी बड़े स्तर पर कराए जाने की तैयारी है। योजना के अनुसार 36 जिलों में चार चरणों, चार जिलों में दो चरणों और एक जिले में एक चरण में चुनाव कराए जा सकते हैं।

जानकारी के अनुसार जैसलमेर में एक चरण में चुनाव कराने का प्रस्ताव है। अलग-अलग जिलों की भौगोलिक स्थिति और प्रशासनिक जरूरतों को देखते हुए मतदान चरण तय किए जा रहे हैं।

ईवीएम से होंगे सदस्य पदों के चुनाव

चुनाव प्रक्रिया में मतदान के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं की जाएंगी। नगर निकाय सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्यों के चुनाव ईवीएम के माध्यम से कराए जाने की तैयारी है।

वहीं, पंच और सरपंच पदों के चुनाव में मतपेटियों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए ईवीएम, मतपेटियां और अन्य चुनावी सामग्री की उपलब्धता तथा वितरण की तैयारियों की भी समीक्षा की गई है।

आचार संहिता को लेकर बढ़ी हलचल

15 अगस्त तक चुनाव से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले पूरे करने के निर्देश के बाद राजस्थान में चुनावी आचार संहिता को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद संबंधित क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधियों और सरकारी घोषणाओं पर चुनावी नियम लागू हो सकते हैं।

हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि 16 अगस्त से आचार संहिता लागू होने की बात फिलहाल अनुमान और चुनावी तैयारियों से जुड़ी संभावना है। अंतिम तारीख राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक घोषणा के बाद ही तय मानी जाएगी।

Rajasthan Election 2026: आगे क्या होगा?

राजस्थान में निकाय और पंचायत चुनाव को लेकर प्रशासनिक तैयारियां अब अंतिम चरण की ओर बढ़ रही हैं। आने वाले दिनों में राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव कार्यक्रम, मतदान की तारीखों और अन्य महत्वपूर्ण निर्देशों को लेकर आधिकारिक घोषणा कर सकता है।

राजस्थान के नगर निकाय और पंचायत चुनाव से जुड़ी हर बड़ी अपडेट के लिए राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक सूचना का इंतजार करना जरूरी होगा।