Rajasthan Weather Today: राजस्थान में पिछले कुछ दिनों से कमजोर पड़े मानसून के बीच अब एक बार फिर बारिश का दौर शुरू होने की उम्मीद है। मौसम केंद्र जयपुर के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 2-3 सितंबर से पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं, जबकि 4 से 7 सितंबर के बीच कई संभागों में बारिश का असर ज्यादा रहने की संभावना है।
इस बदलाव से उमस और गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, बारिश पूरे राजस्थान में एक जैसी नहीं होगी। पूर्वी राजस्थान में गतिविधियां ज्यादा रहेंगी, जबकि पश्चिमी राजस्थान में मानसून कमजोर रहने का अनुमान है।
2 सितंबर से राजस्थान में फिर बदलेगा मौसम
मौसम केंद्र जयपुर के 1 सितंबर को जारी पूर्वानुमान के मुताबिक भरतपुर और जयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में 2-3 सितंबर से बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है।
2 सितंबर को पूर्वी राजस्थान के भरतपुर, जयपुर, कोटा और उदयपुर संभाग में कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं पश्चिमी राजस्थान में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है।
IMD के उपखंडवार पूर्वानुमान में 2 और 3 सितंबर को पूर्वी राजस्थान के लिए गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है।
3 सितंबर को इन इलाकों में बढ़ेगी बारिश
3 सितंबर को पूर्वी राजस्थान के भरतपुर, जयपुर, कोटा और उदयपुर संभाग में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर और जोधपुर संभाग में भी कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है।
इस दिन कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाओं की गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं।
4 से 7 सितंबर तक बारिश का जोर
राजस्थान में बारिश का असली असर 4 से 7 सितंबर के बीच देखने को मिल सकता है। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार इस अवधि में भरतपुर, कोटा, जयपुर, अजमेर और उदयपुर संभाग में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। कई जगह हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
वहीं कोटा संभाग और आसपास के जिलों में कहीं-कहीं मध्यम से तेज या भारी बारिश भी होने की संभावना है।
IMD के पूर्वी राजस्थान के उपखंडवार अलर्ट में 4 और 5 सितंबर को भारी बारिश के साथ गरज-चमक की चेतावनी दी गई है। 6 और 7 सितंबर को भी गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है।
किन जिलों में बारिश की ज्यादा संभावना?
ताजा पूर्वानुमान को देखते हुए पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इनमें प्रमुख रूप से:
- जयपुर
- अलवर
- भरतपुर
- दौसा
- धौलपुर
- करौली
- सवाई माधोपुर
- टोंक
- कोटा
- बारां
- बूंदी
- झालावाड़
- अजमेर
- भीलवाड़ा
- चित्तौड़गढ़
- उदयपुर
- सीकर
- झुंझुनूं
शामिल हैं। हालांकि हर जिले में बारिश की तीव्रता एक जैसी नहीं रहेगी और स्थानीय स्तर पर स्थिति बदल सकती है।
कोटा संभाग में भारी बारिश के संकेत
4 से 7 सितंबर के बीच कोटा संभाग पर मौसम विभाग की खास नजर है। इस दौरान संभाग और आसपास के जिलों में कहीं-कहीं मध्यम से तेज बारिश के साथ भारी बारिश भी हो सकती है।
IMD के जिलेवार पूर्वानुमान में बारां, झालावाड़, कोटा और सवाई माधोपुर समेत कुछ क्षेत्रों के लिए भारी बारिश की चेतावनी दिखाई गई है।
ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों और किसानों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।
पश्चिमी राजस्थान में कैसा रहेगा मौसम?
पश्चिमी राजस्थान में पूर्वी हिस्से की तुलना में मानसून कमजोर रहने की संभावना है। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश हिस्सों में कमजोर मानसूनी परिस्थितियां बनी रह सकती हैं।
हालांकि 4 से 6 सितंबर के दौरान बीकानेर संभाग और शेखावाटी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
IMD के उपखंडवार पूर्वानुमान में पश्चिमी राजस्थान के लिए 1 से 7 सितंबर तक कोई चेतावनी नहीं दी गई है।
राजस्थान में बारिश कब तक जारी रहेगी?
मौसम केंद्र जयपुर के मौजूदा पूर्वानुमान के अनुसार 2 सितंबर से बारिश की गतिविधियां बढ़ना शुरू हो सकती हैं और 4 से 7 सितंबर के बीच इसका प्रभाव ज्यादा रहने की संभावना है।
हालांकि 8 सितंबर से राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में फिर कमी आने की प्रबल संभावना जताई गई है।
इसका मतलब यह है कि सितंबर के पहले सप्ताह में बारिश का एक सक्रिय दौर देखने को मिल सकता है, लेकिन इसके बाद मानसून फिर कमजोर पड़ सकता है।






